The USNLM reports that the medicinal portions of the dandelion include the roots, the leaves or the entire plant. Brahmi (Bacopa monnieri) 27. Eye Yoga: Improved Eyesight with 10 Minutes a Day, Pilates with Props: Transform Your Body in a Short Time, Soft Skills: The 11 Essential Career Soft Skills, مزید تجویز کی گئیں خوراک نہ لیں۔ مزید علاج آپ کی علامات کو بہتر نہیں کرے گا؛ اس کے بجائے زہریلاہوسکتا ہے یا خطرناک مضر اثرات ہوسکتے ہیں۔ اگر آپ کو شک ہے کہ آپ یا کوئی اور زائد خوراک لے, اپنی ادویات دوسرے لوگوں کو نہ دیں بے شک اگر آپ جانتے ہوں کہ وہ اسی حالت میں یا یہ دیکھیں اس حالت میں ۔یہ ہوسکتا ہے زائد خوراک کی طرف لے جائے۔, برائے مہربانی اپنے فزیشن یا فارمسسٹ یا مصنوعات کے پیکیج پر مزید معلومات کے لئے رجوع کریں۔, ادویات کو کمرے کے درجہ حرارت پر محفوظ کریں، گرمائش یابراہ راست سورج کی روشنی سے دور رکھیں۔ ادویات کوجمائیں نہیں جب تک کہ پیکیج پر درج نہ ہو۔ ادویات کو بچوں اور پالتو جانوروں کی پہنچ سے دور رکھیں۔, ادویات کو ٹائلٹ کے فلش میں یا نکاسی میں نہ بہائیں جب تک کہ یہ کرنے کی ہدایات نہ ہوں۔ اس طریقے سے ادویات ضائع کرنا ماحول کو آلودہ کرسکتا ہے۔ برائے مہربانی مزید معلومات کے لئے اپنے فارمسسٹ یا ڈاکٹر سے رجوع کریں کہ کیسے محفوظ طریقے سے ضائع کرنا ہے۔, Dandelion Root in Urdu- پروڈکٹ - دوائی.com. According to the University of Maryland Medical Center (UMMC) web site, these herbs are rich sources of nutrition including vitamins A, B complex, C, and D and the minerals iron, potassium, and zinc. It finds its origins in Late Middle English: from French dent-de-lion, translation of medieval Latin dens leonis ‘lion's tooth’ (because of the jagged shape of the leaves). The UMMC site says that traditionally, both the roots and the leaves of the dandelion were used to treat liver problems. Lynn DeVries has more than 15 years of professional freelance writing experience with projects ranging from marketing copy writing to entertainment journalism. Pau de'arco (Tabebuia avellanedae) 30. और अन्य त्वचा के विकारों का उपचार करने के लिए लगा सकते हैं। 2012 में प्रकाशित पेप्टाइड्स की रिपोर्ट के अनुसार सिंहपर्णी के फूलों में तीन प्रभावी पेप्टाइड्स (Peptides) होते हैं जो शरीर में हो रही माइक्रोबियल और फंगल गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। और चूँकि यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट और डिटाक्सफायर भी है, इसलिए यह मुहांसों का भी एक सफल उपचार है।, विरोधी है। यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट है जो शरीर की कोशिकाओं को कैंसर की वजह से पहुँचने वाली क्षति का जम कर विरोध करता है। वास्तव में यह अपनी फ्री-रेडिकल लड़ने की क्षमता की वजह से, विभिन्न प्रकार के कैंसरों को मात देने में सक्षम है।, के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। यह पैंक्रियास (Pancreas) को उत्तेजित कर इन्सुलिन के उत्पादन में मदद करती हैं और रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखती हैं। इसकी जड़ें मूत्रवर्धक होती हैं और अधिकतम शुगर को शरीर से मूत्र द्वारा निकास करवा रक्त को अधिक शुगर से छुटकारा दिलवाती हैं। मधुमेह के रोगी बहुत ही जल्दी लिवर एवं किडनी के विकारों से ग्रस्त हो जाते हैं और सिंहपर्णी किडनी एवं लिवर दोनों के लिए ही स्वास्थ्यवर्धक हैं। परंतु इसका किसी भी प्रकार से सेवन डॉक्टर से परामर्श के बाद ही किया जाना चाहिए।, सिंहपर्णी के फायदे - Dandelion Root Benefits in Hindi, सिंहपर्णी की जड़ है लिवर की दवा - Dandelion for Liver in Hindi, सिंहपर्णी के लाभ स्वस्थ एवं सुन्दर त्वचा के लिए - Dandelion for Skin in Hindi, सिंहपर्णी की जड़ें हैं कैंसर में उपयोगी - Dandelion Root for Cancer in Hindi, सिंहपर्णी जड़ की चाय सूजन में है उपयोगी - Dandelion Root Tea for Inflammation in Hindi, सिंहपर्णी का पौधा फायदेमंद है मूत्र सम्बंधित विकारों से बचाव में - Dandelion for Urinary Tract Infection in Hindi, सिंहपर्णी के फायदे मधुमेह के लिए - Dandelion Root for Diabetes in Hindi, सिंहपर्णी की चाय वजन को घटाने में सहायक - Dandelion Tea for Weight Loss in Hindi, सिंहपर्णी के औषधीय गुण रक्तचाप को कम करें - Dandelion Root for Blood Pressure in Hindi, सिंहपर्णी के गुण पाचन प्रणाली के लिए - Dandelion Root for Digestion in Hindi, सिंहपर्णी जड़ हड्डियों को मजबूत बनाये - Dandelion Root for Bones in Hindi, सिंहपर्णी के नुकसान - Dandelion Root Side Effects in Hindi, सिंहपर्णी की चाय बनाने का तरीका - How to make Dandelion tea in Hindi, साफ और स्वस्थ क्लियर त्वचा पाने के घरेलू नुस्खे, मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए यह दस जड़ी बूटियाँ हैं बहुत फायदेमंद, उच्च रक्तचाप के उपचार के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ, Hawaiian Milk Thistle And Dandelion Capsules, Hawaiian Milk Thistle And Dandelion Capsule, Nutrilite Milk Thistle With Dandelion Tablet, दिन में दो से तीन बार सिंहपर्णी की चाय पिएं।, इसके अतिरिक्त आप सिंहपर्णी को अपने सलाद में भी शामिल कर सकते हैं। सिंहपर्णी की पत्तियां खाद्य हैं और सलाद के रूप में ली जा सकती हैं या किसी भी अन्य पत्तेदार-हरी सब्जी के जैसे पकाई जा सकती हैं।, बहुत ही दुर्लभ मामलों में कुछ लोगों में, सिंहपर्णी का फूल गंभीर एलर्जी का कारण बन सकता है इसलिए यदि आपको इससे एलर्जी की समस्या है तो सिंहपर्णी की जड़ लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें।, ज्यादा लंबे समय तक सिंहपर्णी का सेवन नहीं करना चाहिए। सिंहपर्णी लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें, विशेष रूप से जब आप पहले से कोई दवाई ले रहे हैं क्योंकि यह दवाई के प्रभाव को बेअसर कर सकता है। जैसे बाइपोलार बीमारी के लिए दी जाने वाली लिथियम नामक दवा के साइड एफेक्ट को यह और भी खराब कर सकता है।, एक सॉस पैन में 1 से 2 चम्मच कटी हुई सूखी सिंहपर्णी की जड़ को डालें।, इसमें दो कप पानी मिलाएं और उबलने के लिए 5 से 10 मिनट के लिए गैस पर चढ़ा दें।, इस चाय को दिन में 2 या 3 बार रोजाना पियें।, आप सिंहपर्णी के टी-बैग का इस्तेमाल करके भी सिंहपर्णी की चाय बना सकते हैं।. The dandelion is also known as a "blow ball,""lion's tooth," or its scientific name, Taraxacum officinale. Learn English words and meanings with example sentences, Pronunciation and improve your vocabulary so that you will be able to communicate well in English. Hydrangea Root (Hydrangea arborescens) 26. Dandelion can be found for sale as tinctures, capsules, dried or fresh greens or a liquid extract. This alone is good reason to add a few dandelion leaves to your salad. The leaves are often added to salads or cooked greens and the flowers are even used to make dandelion wine. Asparagus_racemosus - Shatavari Dandelion root is often dried and consumed as a tea but can also be eaten in its whole form. The dandelion's leaves are most commonly used as a natural diuretic to help the body get rid of excess water from bloating or swelling. Dandelion meaning in hindi urdu ka matlab what is the taraxa officinale dandelion dandelion urdu translation and meaning the dictionary benefits of dandelion urdu name is ککروندا you. If you notice a rash, hives or shortness of breath while taking dandelion, discontinue its use and contact your health care provider. However, before starting the medicinal use of dandelions, be sure to consult your health care provider. Check out Dandelion similar words like Dandelions; Dandelion Urdu Translation is Kekronda ککروندا. The dandelion is also known as a "blow ball,""lion's tooth," or its scientific name, Taraxacum officinale. Dandelion is an noun according to parts of speech. The other meanings are Kakronda. Dandelion Root لاج کے لئے ظاہر کرتا ہے بھوک میں کمی, خراب پیٹ, آنتوں گیس اور دوسرے حالات۔ ... Dandelion Root in Urdu - استعمال، مضر اثرات، جائزے، تشکیل، باہمی ردعمل، احتیاط، متبادل اور خوراک - TabletWise. کے لئے۔ مہربانی فرما کر استعمال نہ کریں Dandelion Root کے لئے خراب پیٹ اور بھوک میں کمی پہلے بنا اپنے ڈاکٹر کے مشورے کے۔, اگر آپ کو غنودگی، چکر، ہائی پو ٹینشن یا سردرد جیسے مضر اثرات ہوتے ہیں جب آپ کھاتے ہیں Dandelion Root دوا پھر یہ گاڑی یا بھاری مشینری چلانے کے لئے محفوظ نہیں ہے۔ وہ گاڑی نہ چلائے جس اس کے کھانے سے غنودگی، چکر یا بلڈ پریشر بہت کم ہوجاتا ہو۔ فارماسسٹ مریضوں کو مشورہ دیتے ہیں کہ ادویات کے ساتھ الکوحل نہ لیں الکوحل غنوودگی جیسے مضر اثرات بڑھا دیتا ہے۔اپنے جسم پر اس کے اثرات محسوس کریں جب آپ استعمال کریں Dandelion Root. Whats people lookup in this blog: Dandelion Flower Meaning In Urdu; Tweet Pin It. Taking any new substance can cause an allergic reaction. However, the UMMC also warns that dandelion may harmfully interact with such medications as lithium, antibiotics, antacids or quinolone. // Leaf Group Lifestyle. सिंहपर्णी के औषधीय गुण रक्तचाप को कम करें - Dandelion Root for Blood Pressure in Hindi. 29. यदि आपके गार्डन में सिंहपर्णी का पौधा है तो आप सच मानिये बहुत ही भाग्यशाली हैं। क्योंकि यह पीले रंग का दिखने वाला पौधा केवल आपके बगीचे के सौंदर्य को ही नहीं बढ़ाता अपितु यह आपके स्वास्थ्य में भी चार-चाँद लगा देता है। सिंहपर्णी वास्तव में कई सौ सालों से शुगर, लिवर, किडनी एवं पेट के विकारों के उपचार के लिए एक औषधि के रूप में इस्तेमाल होता आ रहा है। सिंहपर्णी की जड़ें, पत्तियां एवं फूल सभी खाद्य हैं और अत्यधिक पौष्टिक गुणों से युक्त हैं। यह जड़ी बूटी विटामिन ए, सी, डी और बी कॉम्प्लेक्स का एक समृद्ध स्रोत है। यह जस्ता, लोहा, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिज में भी समृद्ध है। The Dandelion name first developed in the 15th century. See more. Learn the proven aspects of the pitching delivery that lead to your maximum velocity. यह औषधि सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी होती है और इसे अपने दैनिक आहार में शामिल कर आप अपने समग्र स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं। आप चाहें तो रोजाना इसकी बनी हुई चाय पी सकते हैं या फिर आप इसे सलाद-सूप में भी शामिल कर सकते हैं।, सिंहपर्णी की जड़ के लिवर के लिए स्वास्थ्य लाभ विश्व-भर में प्रचलित हैं। यह औषधि एक बहुत ही प्रभावशाली लिवर-टॉनिक है। सिंहपर्णी की जड़ लिवर में एकत्रित वसा का चयापचय कर लिवर के कार्यों को उत्तेजित करती है। यह लीवर से निकलने वाला बाइल यानी कि पीले रंग के रस के प्रवाह को बढाती है और लिवर को डिटाक्सफाय भी करती है। 2010 में एथनोफ्रमकोलोज़ी के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सिंहपर्णी की जड़ लिवर के विकारों पर उपचारात्मक प्रभाव डालती है।, सिंहपर्णी की जड़ की चाय बनाकर उसे पीना लिवर के स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है।, सिंहपर्णी में ऐसे अनेक तत्व निहित हैं जो त्वचा को पोषित कर उसे एक नया सुनहरा रूप देने में सक्षम हैं। यदि आप सिंहपर्णी के तने को बीच में से तोड़ेंगे तो आपको एक दूधिया सफेद जैसा रस नज़र आएगा। यह तत्व त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बहुमूल्य है। यह रस स्वाभाविक रूप से एक बहुत ही प्रभावी क्षार (alkali) है। यह गुण इसे त्वचा के स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम बनाते हैं। आप इसका रस अपनी त्वचा पर खुजली, दाद, एक्जिमा और अन्य त्वचा के विकारों का उपचार करने के लिए लगा सकते हैं। 2012 में प्रकाशित पेप्टाइड्स की रिपोर्ट के अनुसार सिंहपर्णी के फूलों में तीन प्रभावी पेप्टाइड्स (Peptides) होते हैं जो शरीर में हो रही माइक्रोबियल और फंगल गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। और चूँकि यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट और डिटाक्सफायर भी है, इसलिए यह मुहांसों का भी एक सफल उपचार है।, (और पढ़ें – साफ और स्वस्थ क्लियर त्वचा पाने के घरेलू नुस्खे), नोट -  सिंहपर्णी का चेहरे पर इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और इसका इस्तेमाल आँख के आस-पास वाले क्षेत्र पर ना करें।, आधुनिक शोधों के अनुसार, सिंहपर्णी एक प्रभावी कैंसर विरोधी है। यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट है जो शरीर की कोशिकाओं को कैंसर की वजह से पहुँचने वाली क्षति का जम कर विरोध करता है। वास्तव में यह अपनी फ्री-रेडिकल लड़ने की क्षमता की वजह से, विभिन्न प्रकार के कैंसरों को मात देने में सक्षम है।, 2008 में कैंसर विज्ञान के इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्य्यन में पाया गया कि सिंहपर्णी की जड़ों में ऐसे तत्व निहित हैं जो उत्तम एंटी-कैंसर एजेंट हैं। 2011 में साक्ष्य आधारित पूरक और वैकल्पिक दवाओं में हुए एक शोध के अनुसार सिंहपर्णी की जड़ कैंसर से लड़ने के लिए कीमोथेरेपी जितनी सक्षम है।, (और पढ़ें – कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार), चूँकि यह एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है, सिंहपर्णी की जड़ें शरीर में उपस्थित अधिक तरल पदार्थ के उपापचय में सहायता कर, शरीर में हो रही सूजन व जलन को समाप्त करती है। विशेष रूप से यह शरीर के निचले भाग जैसे की पैर में सूजन कम करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। इसमें अच्छी मात्रा में पोटैशियम निहित है जो शरीर में सोडियम के स्तर को संतुलित कर सूजन एवं जलन से छुटकारा दिलाने में सहायक है।, सूजन व जलन से राहत पाने के लिए रोजाना जब तक सूजन ठीक ना हो जाए, दिन में दो से तीन बार सिंहपर्णी की चाय पिएं।